वाराणसी, मार्च 19 -- वाराणसी। भोर के 5 बजे हैं। गंगा किनारे शंकराचार्य घाट पर बटुकों की हलचल तेज हो गई है। सीढ़ियों के आगे और पीछे के प्लेटफार्म पर कतार से आसनी बिछाई जा रही है। बटुकों की एक टोली घाट के दक्षिणी छोर पर चौकी और आसन लगाने में व्यस्त है। गुरुवार को सूर्योदय का समय 5:49 बजे है और दस मिनट पहले ही सारी तैयारी पूरी कर ली गई हैं। चौकी पर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती स्थान ग्रहण कर चुके हैं। अतिथिगण भी अपना स्थान ले चुके हैं। स्वामीश्री का संकेत पाते ही बटुकों ने मंगलाचरण आरंभ कर दिया है। अब बटुक सूर्य नमस्कार की प्रथम मुद्रा में आ गए। जैसे ही भगवान भास्कर की रश्मियां क्षितिज पर आईं, बटुकों ने सूर्य नमस्कार आरंभ कर दिया है। बमुश्किल दो मिनट बीतते-बीतते उत्तरायण सूर्य का आगमन भी हो गया। जब तक सूर्यदेव क्षितिज...