बगहा, फरवरी 3 -- योगापट्टी एक संवाददाता। हर बेटी का सपना होता है-सम्मान के साथ विदाई,सिर पर पिता का हाथ और आंखों में सुरक्षित भविष्य की चमक,लेकिन जब गरीबी इन सपनों के बीच दीवार बनकर खड़ी हो जाए,तब समाज का आगे आना ही सबसे बड़ा सहारा बनता है।योगापट्टी प्रखंड क्षेत्र के नवलपुर पंचायत में ऐसा ही एक दृश्य देखने को मिला,जहां समाज ने मायका बनकर तेरह बेटियों को विदा किया।नवलपुर रामजानकी मंदिर परिसर में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में नवयुवक कन्या विवाह समिति ने उन बेटियों की जिम्मेदारी उठाई,जिनके लिए विवाह एक बोझ बन चुका था।दहेज जैसी कुरीतियों से ऊपर उठकर जब समाज ने हाथ बढ़ाया, तो विवाह केवल रस्म नहीं रहा,बल्कि सम्मान और बराबरी का संदेश बन गया।सेहरा बांधे दूल्हे,बैंड-बाजे की धुन,मंगल गीतों की गूंज-हर वह दृश्य मौजूद था जो किसी संपन्न परिवार के विवाह ...