शाहजहांपुर, मार्च 21 -- शाहजहांपुर। चैत्र नवरात्र के दूसरे दिन मां दुर्गा के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा-अर्चना पूरे जनपद में श्रद्धा और आस्था के साथ की गई। मां ब्रह्मचारिणी तप, त्याग, ज्ञान और वैराग्य की प्रतीक मानी जाती हैं। मान्यता है कि उन्होंने भगवान शंकर को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी, इसी कारण उनका नाम ब्रह्मचारिणी पड़ा। नवरात्र के दूसरे दिन श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर मां की पूजा की और सुख-समृद्धि की कामना की। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। काली माता मंदिर, बिसरात घाट, कालीबाड़ी मंदिर खिरनीबाग, माता फूलमती मंदिर चौक और कुर्रिया कलां स्थित देवी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन कर दीप जलाए और प्रसाद चढ़ाया। बिसरात घाट स्थित काली माता मंदिर में 40 ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.