साहिबगंज, मार्च 21 -- साहिबगंज। चैत नवरात्र के तीसरे नवरात्रा पर शनिवार को गणगौर का विसर्जन किया गया। होली के दिन से शुरू गणगौर उत्सव का समापन इसी के साथ हो गया। रंगोत्सव के दिन से ही नवविवाहिताओं व कुंवारी कन्याओं की ओर से गणगौर पूजन प्रारंभ किया गया था। गणगौर व्रत अधिकांशत: मारवाड़ी समाज की नवविवाहहिता व कुंवारी कन्याएं ही करती हैं। हाल के दिनों में कुछ अन्य समाज भी इस व्रत का विधि विधान से आयोजन करने लगा है। रंगोत्सव से शुरू गणगौर के दौरान व्रती भगवान शिव व माता गौरी यानि पार्वती की पूजा करीब सोलह दिनों तक करती हैं। मौके पर कुछ सामुहिक रूप से कुछ अपने घरों में गणगौर पूजन करती हैं। रंगोत्सव से शुरू होने वाले इस व्रत का समापन नवरात्र की तृतीया को पवित्र नदी सरोवर आदि में गणगौर का विसर्जन कर होता है। शहर में गणगौर करने वाली देर शाम को स्था...
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