आजमगढ़, मार्च 25 -- आजमगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। नवरात्र के सातवें दिन बुधवार को आदिशक्ति के कालरात्रि स्वरूप की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। देवी दरबार में दिनभर जयकारे गूंजते रहे। लोगों ने गुड़ और उससे तैयार भोग चढ़ाकर मातारानी से सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। मां कालरात्रि देवी दुर्गा का सातवां और सबसे उग्र स्वरूप हैं। माना जाता है कि वे अंधकार और अज्ञानता का नाश करने वाली, गधे पर सवार, चार भुजाओं वाली और शत्रु व नकारात्मक ऊर्जाओं का विनाश करने वाली शुभंकरी देवी हैं। वे गधे पर सवार रहती हैं। उनकी पूजा से व्यक्ति साहसी और निर्भीक बनता है। शनि ग्रह के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए इनकी पूजा बहुत प्रभावी मानी जाती है। बुधवार को सुबह भक्तों ने घरों में माता रानी को गुड़ का भोग लगाया। नगर के चौक स्थित दक्षिणमुखी देवी मंदिर में भोर से ही भ...
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