नई दिल्ली, मार्च 23 -- चैत्र नवरात्रि में अष्टमी और नवमी का खास महत्व होता है। ज्यादातर लोग इन दोनों दिनों में कन्या पूजन करके व्रत खोलते हैं। आमतौर पर अष्टमी और नवमी अलग-अलग दिन पड़ती हैं, लेकिन इस बार मामला थोड़ा अलग है। साल 2026 में दोनों तिथियां एक ही दिन पड़ रही हैं, जिसको लेकर लोगों में कन्फ्यूजन बना हुआ है कि पूजा किस दिन करना सही रहेगा। दरअसल 26 मार्च 2026 को अष्टमी तिथि सुबह 11 बजकर 47 मिनट तक रहेगी। इसके बाद नवमी शुरू हो जाएगी। खास बात ये है कि राम नवमी की पूजा दोपहर में की जाती है, इसलिए इस बार 26 मार्च को ही अष्टमी और नवमी दोनों का महत्व रहेगा। इसी वजह से ज्यादातर विद्वान भी यही मानते हैं कि दोनों पर्व इसी दिन मनाना ज्यादा सही रहेगा। हालांकि कुछ लोग उदया तिथि के हिसाब से 27 मार्च को राम नवमी मनाएंगे। यानी जिनके लिए सुबह की तिथ...