वाराणसी, अक्टूबर 6 -- वाराणसी। श्रीराम बड़े कृपालु हैं। शबरी की अनन्य भक्ति देखकर उसे नवधा भक्ति का ज्ञान दिया। यह भक्ति की नौ विधियां हैं। जिससे वह मोक्ष को प्राप्त करती है और भगवान श्रीराम से उसका मिलन होता है। यह विचार झांसी के बालव्यास शशिशेखर महाराज के हैं। वह भाईजी जयंती महोत्सव के अंतर्गत दुर्गाकुंड स्थित अंध विद्यालय परिसर में हो रही श्रीराम कथा में सोमवार को प्रवचन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि संतों की संगति जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य है। यह भी पढ़ें- Kannauj News: शबरी की भक्ति ने सिखाया प्रेम और समर्पण का मार्ग

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