नई दिल्ली, अगस्त 4 -- -शिशु तस्करी मामले में आरोपी को जमानत से इनकार करते हुए अदालत की टिप्पणी नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। साकेत जिला अदालत ने अंतरराज्यीय शिशु तस्करी गिरोह से जुड़े आरोपी को जमानत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि नवजात बच्चों की तस्करी घोर अभिशाप है, जो सभ्य समाज की नैतिक चेतना पर सीधा प्रहार करती है।

अदालत की चिंता अदालत ने कहा कि बच्चों के जीवन, स्वतंत्रता और गरिमा को किसी भी कीमत पर बाजार का हिस्सा नहीं बनाया जा सकता। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरगुरवारिंदर सिंह जग्गी की अदालत सोमवार को आरोपी राज कुमार की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी। यह मामला एक अविवाहित दुष्कर्म पीड़िता से जन्मी नवजात बच्ची की कथित तस्करी से जुड़ा है। अदालत ने कहा कि बाल तस्करी समाज के सबसे कमजोर वर्ग पर हमला है और इस पर गहरी चिंता जताई...