नवजात को मारने वाली दोषी महिला बरी
नई दिल्ली, अगस्त 4 -- अपने नवजात बच्चे की 2009 में हत्या करने और शव फेंकने के आरोप में दोषी महिला को केरल हाईकोर्ट ने बरी कर दिया। महिला को उम्रकैद दी गई थी। जस्टिस राजा विजयराघवन वी. और के. वी. जयकुमार की पीठ ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ हत्या के आरोप को बिना किसी शक के साबित करने में नाकाम रहा है। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि अभियोजन पक्ष का कथित मकसद 'गर्भावस्था के नाजायज होने को छिपाना' साबित करने में 'पूरी तरह नाकाम' रहा, क्योंकि आरोपी की भाभी और एक पड़ोसी को पता था कि वह गर्भवती थी। अगर ऐसा है, तो नाजायज़ गर्भावस्था को छिपाने और उसके बाद नवजात बच्चे की हत्या करने के कथित मकसद पर यकीन नहीं किया जा सकता। इसके अलावा, परिस्थितिजन्य सबूतों की कड़ी में कई कड़ियां गायब हैं। गला घोंटने के लिए इस्तेमाल किया गया कथित हथियार पुलिस को नहीं...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.