बांदा, मार्च 6 -- बांदा। संवाददाता कोर्ट के आदेश पर नरैनी तहसीलदार, सब रजिस्टार, लेखपाल, दंपति और दो गवाहों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया। यह कार्रवाई नरैनी तहसील क्षेत्र के पचोखर गांव में बेची गई दो एकड़ जमीन का धोखाधड़ी कर फिर से पत्नी के नाम पर बैनामा कराने के मामले में की गई। यह जमीन 36 वर्ष पहले दानपत्र के जरिए बेच दी गई थी।अतर्रा थाने के पचोखर गांव निवासी आनंदी प्रसाद ने बताया कि उनके पिता रामेश्वर ने 23 अगस्त 1990 को अपने सगे भाई शंभू दयाल से 1.55 एकड़ जमीन में 3/4 हिस्सा रजिस्टर्ड दानपत्र के जरिए खरीदी थी। सरकारी अभिलेखों में जमीन का नामांतरण भी हो गया। 23 जून 1994 को आनंदी प्रसाद ने इस भूमि का शेष हिस्सा बैनामे के जरिए शंभू दयाल से ले लिया। इसका भी तहसील के अभिलेखों में नामांतरण हो गया। तब से इस भूमि में आनंदी का कब्ज...