देहरादून, अप्रैल 27 -- देहरादून। टिहरी गढ़वाल के नरेंद्रनगर विकासखंड के अदवाणी गांव की चिपको आंदोलन की गुमनाम नायिका, करीब 100 वर्षीय बचनी देवी का शनिवार को दून में निधन हो गया। रविवार को ऋषिकेश के शिवपुरी घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। वह कुछ समय से नेहरू कॉलोनी में अपने बेटे बिक्रम सिंह रावत के साथ रह रही थीं। उनके निधन पर पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने शोक जताया। बचनी देवी ने 1 फरवरी 1978 को अदवाणी के जंगल में चिपको आंदोलन में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने महिलाओं को संगठित कर जंगल कटान का विरोध किया, जबकि उनके पति और गांव के प्रधान कटान के पक्ष में थे। यह भी पढ़ें- टीबरीनाथ मंडल ने निकाली नारी आक्रोश रैली आंदोलन के दौरान 671 पेड़ों में से 668 पेड़ों को बचाया गया। शांतिपूर्ण सत्याग्रह के आगे मजदूरों ने हथियार डाल दिए और पुलिस-पीएसी को लौटन...