प्रमुख संवाददाता, अक्टूबर 6 -- लंबे समय से राजनीतिक चर्चा से दूर भाजपा से राज्यसभा का टिकट पाने वाले गोपीकृष्ण पांडेय अचानक सुर्खियों में आ गए हैं। उनके राजनीतिक सफर में जितना जिक्र बजरंग दल, हिन्दू जागरण मंच जैसे संगठनों में उनके काम का हो रहा है, उससे ज्यादा गदर फिल्म का। वजह बड़ी रोचक है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक 2001 में कानपुर में संघ का एक बड़ा कार्यक्रम हुआ। देश भर से प्रचारक इसमें भाग लेने के लिए आए। गोपीकृष्ण पांडेय उन दिनों आचार्य नगर में रहते थे। उस दौर में संघ के एक बड़े प्रचारक (नरेंद्र मोदी) की निकटता कार्यकर्ता गोपी पांडेय से थी। वो गोपी के घर ही ठहरे। बाल काफी बड़े हो गए थे, वहीं नाई बुलवाकर बाल कटवाए। नहाने-खाने के बाद तैयार हुए, बैठक अगले दिन थी।मोदी के साथ 25 साल पहले देखी थी गदर शाम का वक्त खाली था तो गोपीकृष्ण पांडेय को ...