कोलकाता, मई 4 -- 17 अप्रैल 2026 की शाम. संसद भवन में जो घटनाक्रम हुआ वह मोदी सरकार के 12 सालों में पहली बार हो रहा था। यह पहला मौका था जब नरेंद्र मोदी सरकार की ओर से लाया गया कोई विधेयक जरूरी मत हासिल नहीं कर सका। जाहिर तौर पर यह सरकार के लिए बड़ा झटका और विपक्ष के लिए 'जीत' थी। संविधान संशोधन के लिए जरूरी 'अंकगणित' में सरकार को नाकाम होते देख विपक्ष ने मेजे थपथपाकर 'जश्न' भी मनाया। लेकिन भाजपा की इसी हार से उसके लिए वह जीत निकलनी बाकी थी जिसका उसे अपने गठन के बाद से ही इंतजार था। जी हां, हम बात कर रहे हैं पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव नतीजों की। दशकों के संघर्ष के बाद भाजपा ने कांग्रेस, लेफ्ट और बाद में टीएमसी के अभेद्य किले को जीत लिया है। भाजपा की इस जीत के वैसे तो कई फैक्टर हैं, पर पीएम मोदी का 'बाजीगर दांव' भी अहम है। अब तक महिला वोटर्...
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