बरेली, जून 23 -- सोमवार को परमहंस आश्रम पर नरसी के भक्ति चरित्र की कथा सुनाई गई, जिसे सुनकर भक्त भाव विभोर हो गए। संत रहे शंकरदेव मुनि परमहंस के द्वारा रचित भक्त नरसी गीता की कथा का श्रवण कराया। सोमवार को कथा व्यास डॉ रमेश चंद दीक्षित ने नरसी जी के चरित्र की कथा को श्रवण कराया , जिसमें उन्होनें बताया कि सौराष्ट्र प्रदेश के जूनागढ़ शहर में नागर ब्राह्मण कुल में नरसिंह राम का जन्म हुआ था। इनके पिता का नाम कृष्ण दामोदर दास और माता का नाम लक्ष्मी गौरी था, बचपन में ही माता-पिता का स्वर्गवास हो गया। दादी ने इनका पालन पोषण किया। यह भी पढ़ें- राम चौक मंदिर में गूंजे कृष्ण जन्म में जयकारे, ध्रुव चरित्र का किया गया मार्मिक वर्णन पांच वर्ष की अवस्था तक बालक नरसी बोलते और सुनते नहीं थे एक दिन दादी इन्हें शिव जी के मंदिर में पूजा करने ले गईं वहां एक सं...