घाटशिला, अप्रैल 5 -- धालभूमगढ़, संवाददाता। नरसिंहगढ़ में शनिवार को पूरे विधि-विधान के साथ पुजारी द्वारा ग्राम देवता बड़ाम की पूजा कराई गई। ग्राम देवता की पूजा हिंदी पंचांग के अनुसार वैशाख महीने की पहली एवं द्वितीया तिथि को या पहले शुक्रवार या शनिवार को की जाती है। पहले दिन कलश स्थापना की जाती है। गांव के तालाब से जल लेकर एक छोटी कन्या द्वारा स्थापित किया जाता है। कन्या द्वारा कलश लाने के समय मंदिर मार्ग को पूरी तरह से साफ और स्वच्छ किया जाता है। ग्राम देवता की पूजा के समय लोग झूमते और नाचते हुए गांव की खुशहाली, आरोग्य तथा संपन्नता की कामना करते हैं। इसी बीच किसी-किसी भक्त के शरीर में भारी कंपन होने लगती है। तब स्वयंसेवक उनके शरीर पर शीतल जल की बौछार करने लगते हैं और मंदिर में ग्राम देवता के आगे विश्राम करवाते हैं। यह परंपरा काफी पुरानी है...
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