कुशीनगर, मई 17 -- कुशीनगर। तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के नरवाजोत व एपी बांध पर चल रहे करोड़ों रुपये के बाढ़ बचाव कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर ग्रामीण सवाल उठाने लगे हैं। एक ओर विभाग 10 जून तक कार्य पूर्ण करने का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय ग्रामीण कार्य में पुराने बोल्डर के दोबारा इस्तेमाल को लेकर गहरी चिंता जता रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यह कार्य पिछले साल की क्षति को देखते हुए पर्याप्त नहीं है, जब इसी बंधे के क्षतिग्रस्त होने से तटवर्ती गांवों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। बताया जा रहा है कि शासन ने बाढ़ से बचाव की गरज से नरवाजोत और एपी बांध की सुरक्षा के लिए 32.71 करोड़ रुपये की लागत वाली तीन परियोजनाओं को मंजूरी दी है। नरवाजोत बांध की दो परियोजनाओं पर कार्य शुरू है। इसमें स्पर के नोज के साथ ट्रांजिट एप्रन के बीच रिवेट...