बोकारो, अप्रैल 16 -- बोकारो की 18 साल की लापता युवती से जुड़े मामले में जंगल से बरामद नरकंकाल का डीएनए टेस्ट नहीं कराए जाने पर बुधवार को हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जतायी और डीजीपी, बोकारो एसपी, एफएसएल निदेशक और नई एसआईटी टीम को गुरुवार सुबह 10:30 बजे सभी दस्तावेजों के साथ तलब किया है। सुनवाई के दौरान डीजीपी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित हुईं। उन्होंने अदालत से कहा कि माता-पिता और कंकाल के नमूने लेकर कुछ ही घंटों में डीएनए जांच कराई जा सकती थी, फिर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की अदालत ने चेतावनी दी कि जांच में लापरवाही पाई गई तो मामला सीबीआई को सौंपा जा सकता है। सुनवाई के दौरान प्रार्थी के अधिवक्ता विनसेंट रोहित मड़की ने कोर्ट को बताया कि जंगल से मिला कंकाल युवती का नहीं है। उन्होंने दलील दी कि...
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