फतेहपुर, अप्रैल 8 -- फतेहपुर। नई शिक्षा नीति-2020 के तहत बदले हुए पाठ्यक्रम ने जहां शिक्षा को व्यावहारिक बनाने की उम्मीद जगाई है, वहीं धरातल पर किताबों की किल्लत ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। एक अप्रैल से नए शैक्षणिक सत्र का आगाज तो हो गया, लेकिन बाजार से कक्षा नौ की किताबें नदारद हैं। एनसीईआरटी द्वारा पाठ्यक्रम में किए गए बदलावों के कारण अभी तक नौवीं की नई पुस्तकें दुकानों तक नहीं पहुंच सकी हैं, जिससे छात्रों की पढ़ाई अधर में लटकी हुई है। जानकारों ने बताया कि एनसीईआरटी ने कक्षा एक से आठ तक की नई किताबें तैयार कर मार्केट में भेज दी हैं। इन किताबों को सरलीकरण करते हुए तैयार किया गया है, जिससे पढ़ाई को ज्यादा व्यावहारिक और छात्र-केंद्रित बनाया जा सके। शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा नौ की नई किताबों के सिलेबस में बदलाव किया गया है। कक्षा ए...