नमाज पर रोक, मंदिर में मां सरस्वती की प्रतिमा; भोजशाला पर हाई कोर्ट के फैसले की 5 बड़ी बातें
भोपाल, मई 15 -- Bhojshala Verdict: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने लंबे समय से चले आ रहे धार के भोजशाला परिसर विवाद में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कहा कि भोजशाला मंदिर है। हाई कोर्ट ने कमाल मौला मस्जिद परिसर को देवी सरस्वती का मंदिर बताया है। अदालत ने हिंदू पक्ष के पक्ष में फैसला लिया। कहा कि यह स्थल राजा भोज से जुड़ा संस्कृत शिक्षा का प्रमुख केंद्र था और यहां हिंदू पूजा की परंपरा कभी समाप्त नहीं हुई। कोर्ट ने केंद्र सरकार को लंदन संग्रहालय से मां सरस्वती की प्रतिमा वापस लाने की मांग पर विचार करने की भी अनुमति दी है। हाई कोर्ट की इस अहम टिप्पणी और फैसले के बाद भोजशाला विवाद एक बार फिर राष्ट्रीय चर्चा का केंद्र बन गया है। अदालत ने एएसआई की 2003 की उस व्यवस्था को भी आंशिक रूप से रद्द कर दिया, जिसमें हिंदुओं के पूजा अधिकार सीमित किए गए थे जबकि मुस्ल...
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