नई दिल्ली, दिसम्बर 9 -- दुनिया में सबसे बड़ी चुनौती बनकर ईंधन की कमी सामने आ सकती है और इसके लिए लगातार समाधार खोजे जा रहे हैं। इन दिनों एक नया नाम चर्चा में है- Saltwater बैटरियां। ये बैटरियां ट्रेडिशनल लिथियम-आयन टेक्नोलॉजी से बिल्कुल अलग फिलॉसफी पर काम करती हैं और इसी वजह से इन्हें एनर्जी इंडस्ट्री का अगला बड़ा ब्रेकथ्रू माना जा रहा है। ट्रेडिशनल बैटरीज में जहां लिथियम, कोबाल्ट और अन्य रेयर मेटल्स का इस्तेमाल होता है, वहीं Saltwater बैटरियां साधारण नमक, सोडियम या अन्य सस्ते कंपाउंड्स को आधार बनाती हैं। इसका मतलब है कि ना सिर्फ इन्हें बनाना आसान है बल्कि इनके प्रोडक्शन में पर्यावरण को भी कम नुकसान पहुंचता है। यही वजह है कि साइंटिस्ट और कंपनियां इसे भविष्य के लिए एक टिकाऊ ऑप्शन मान रहे हैं। यह भी पढ़ें- केवल Rs.12,890 में HP का टच-स्क्री...
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