लखनऊ, अगस्त 16 -- दारूल उलूम फरंगी महल में माह रबी उल अव्वल के अवसर पर 12 दिवसयी जलसा सीरतुन्नबी, सीरत-ए-सहाबा व तहफ्फुजे शरीअत के दूसरा जलसा रविवार को हुआ। जलसे का आगाज कारी मो तनवीर आलम की तिलावत कलाम पाक से हुआ।मौलाना मो मुश्ताक ने कहा कि नबी पाक की जिन्दगी तमाम इंसानों के लिए मार्ग दर्शक है, वह सारे जहां के लिए रहमत बनाकर भेजे गए। उन्होंने पूरी दुनिया को तौहीद व रिसालत और अमन व सलामती का पैगाम दिया। सहाबाक्राम की जमाअत इस्लाम से पहले जिहालत व गुमराही की जिन्दगी गुजार रही थी। नबी पाक के फैज से वह दुनिया की एक काबिल-ए-तकलीद जमाअत बन गयी।

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