लखनऊ, अगस्त 21 -- लखनऊ, कार्यालय संवाददाता नबी पाक की जिन्दगी तमाम इंसानों के लिए मार्ग दर्शक है, वह सारे जहां के लिए रहमत बनाकर भेजे गए। सहाबाक्राम की जमाअत इस्लाम से पहले जिहालत व गुमराही की जिन्दगी गुजार रही थी। नबी पाक के फैज से वह दुनिया की एक काबिल-ए-तकलीद जमाअत बन गयी। ये बाते ऑल इण्डिया सुन्नी बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना मो मुश्ताक ने जामा मस्जिद ईदगाह लखनऊ में जुमे की नमाज से पहले कहीं।मौलाना मुश्ताक ने कहा कि खुदा पाक ने नबी पाक को जो शरीअत दी है वह कयामत तक रहने वाली शरीअत है। शरीअत-ए-इस्लामी अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर हर क्षेत्र और हर देश के लोगों के लिए सामान्य रखा है। इसी बिना पर नबी पाक को आखिरी रसूल घोषित किया गया। मौलाना ने कहा कि नबी पाक की लायी हुई शरीअत दुनिया के तमाम इंसानों के लिए चाहे वह मुसलमान हों या गैर मुस्लिम, दुनिया ...