सीवान, फरवरी 12 -- शहर को साफ रखने के लिए नगर परिषद की प्रत्येक बोर्ड ने सफाई मद में राशि तो बढ़ा दी लेकिन परिणाम अनुकुल नहीं रहा। नप से जुड़े जानकार बताते हैं कि नगर परिषद की पूर्व चेयरमैन अनुराधा गुप्ता के कार्यकाल में हालांकि सफाई के लिए आउटसोर्सिंग नहीं था, तब नगर परिषद के सफाई कर्मी सभी वार्डों की सफाई करते थे। उनके बाद बबलू चौहान के बोर्ड में आखिरी दिनों में वर्ष 2016 में एनजीओ आया। तब 38 वार्डों की सफाई के लिए सलाना एनजीओ को करीब 15 से 20 लाख वहीं, सफाई कर्मियों को 25 से 30 लाख रुपये का भुगतान किया जाता था। वहीं नगर परिषद की चेयरमैन सिंधू देवी के बोर्ड में शुरू में एनजीओ को सफाई मद में 22 लाख 26 हजार के करीब दी जाने वाली राशि को बढ़ाकर 48 लाख 16 हजार वहीं सफाई कर्मियों को करीब 25 लाख रुपये दिए जाते थे। मौजूदा चेयरमैन सेम्पी गुप्ता ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.