दुमका, अप्रैल 10 -- सरैयाहाट-मंडलडीह गांव में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कथा वाचिका दिव्य देवी ने भगवान श्री कृष्ण के प्राकट्य उत्सव (कृष्ण जन्म) का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। कथा पंडाल उस समय गोकुल के रंग में रंग गया जब नन्द के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की के जयकारों के साथ भगवान का जन्मोत्सव मनाया गया। श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा और नृत्य के साथ कान्हा के आगमन का स्वागत किया। कथा वाचिका ने कृष्ण जन्म के आध्यात्मिक रहस्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जब समाज में अधर्म, अत्याचार और अहंकार अपनी पराकाष्ठा पर होता है, तब ईश्वर का अवतार होता है। कंस के घोर अत्याचार के कारण ही भगवान कृष्ण का अवतार हुआ था। उन्होंने कृष्ण जन्म का वर्णन करते हुए बताया कि जैसे ही कृष्ण का जन्म हुआ, कारागार के दरवाजे स्वतः खुल गए और पहरेदार सो गए। यह...