नदी में समाए पोकलेन का 26 दिन बाद सुराग, किनारे पहुंची
बलिया, जून 3 -- रामगढ़, हिन्दुस्तान संवाद। चक्की नौरंगा और भुआलछपरा को गंगा की कटान से हो रहे कार्य के दौरान छह मई को नदी में समाई पोकलेन का सुराग मंगलवार दोपहर को लग गया। तलाश के लिए कार्यदाई संस्था बाढ़ खंड ने पटना के ऑक्सीजन सिलेंडर से लैस गोताखोरों का सहारा लिया। पोकलेन को निकालने मे पांच अन्य पोकलेन लगाई गई थी। बुधवार सुबह तक इसे ऊपर लाये जाने की संभावना है। बैरिया तहसील के नदी उस पार की पंचायत नौरंगा के चक्की-नौरंगा व भुआलछपरा को गंगा की कटान से बचाने के लिए बाढ़ खंड 25 अप्रैल से बचाव कार्य करा रहा है। छह मई को स्लोपिंग कार्य में लगी एक पोकलेन फिसलते हुए गहरे पानी में समा गई। पोकलेन चालक ने जैसे-तैसे कूदकर जान बचाई। विभाग और ठेकेदार के लाख प्रयास के बाद भी पोकलेन का पता नहीं लग पा रहा था। इसके बाद कार्यदायी संस्था ने मंगलवार को पड़ो...
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