नवादा, जनवरी 10 -- नवादा, हिन्दुस्तान संवाददाता। नवादा जिले की पांचों प्रमुख नदियों खुरी, सकरी, धनार्जय, तिलैया और ढाढर का अस्तित्व संकट में पड़ना न केवल पर्यावरण के लिए खतरा है, बल्कि यह जिले की आर्थिक रीढ़ यानी कृषि को भी तोड़ रहा है। प्रशासन और जनभागीदारी के साथ काम किया जाए, तो नवादा की जीवनरेखा मानी जाने वाली इन नदियों को विलुप्त होने से बचाया जा सकता है। इन नदियों के पुनरुद्धार और जल संकट के समाधान के लिए आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान के ह्वाट्सएप संवाद में विशेषज्ञों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और अनुभवी किसानों ने कहा कि नदियों के सूखने का एक बड़ा कारण अवैध बालू उठाव है, जिससे नदी की प्राकृतिक जल धारण क्षमता खत्म हो गई है। प्रशासन को सैटेलाइट निगरानी और स्थानीय टास्क फोर्स के माध्यम से खनन रोकना होगा ताकि नदी का बेड (तल) सुरक्षित रहे और भ...