नदी किनारे ठिठकी जिंदगी, लहरें सुना रहीं तबाही की दास्तान
कुशीनगर, अगस्त 30 -- कुशीनगर, निज संवाददाता। गंडक के किनारे शनिवार को भी जिंदगी चल रही थी, लेकिन पहले जैसी नहीं। नदी की धार को निहारती आंखों में अब पानी से ज्यादा डर दिखाई दे रहा था। नेपाल में ग्लेशियर फटने के बाद आई भीषण बाढ़ अपने साथ जो तबाही लेकर चली, उसके निशान अब कुशीनगर के खड्डा और तमकुहीराज तहसील क्षेत्र में गंडक के किनारे दिखाई दे रहे हैं। पानी के साथ लकड़ियां, गैस सिलेंडर और घर-गृहस्थी का सामान बहकर आ रहा है। और इन सामानों के बीच तीन दिनों में नौ शव भी नदी किनारे पहुंच चुके हैं। नदी किनारे जिंदगी ठिठकी पड़ी है तो लहरें नेपाल में जलप्रलय की दास्तान सुना रहीं हैं। गुरुवार से शुरू हुआ शव मिलने का सिलसिला शनिवार को भी नहीं थमा। लगातार तीसरे दिन खड्डा क्षेत्र में दो पुरुषों व एक महिला समेत तीन शव बरामद किए गए। इससे पहले गुरुवार को तीन...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.