जमुई, जनवरी 8 -- झाझा । नगर संवाददाता नगर परिषद का कचरा उलाय नदी में फेंके जाने से झाझा के उलाय नदी का पूरा ईको सस्टिम चौपट हो रहा है। यह बात कोई और नहीं स्वयं जमुई के तत्कालीन एसडीएम अभय कुमार तिवारी ने 29 अक्टूबर 2024 को झाझा नगर क्षेत्र में अवस्थित नदी घाटों के निरीक्षण के क्रम में अधिकारियों संग कहा था। उनका यह कथन आज भी चरितार्थ होता नजर आ रहा है। जी हां हम बात कर रहे हैं झाझा नगर परिषद द्वारा उलाय नदी घाट पर फेंके गए कचरे से उलाय नदी घाट के कचरे का डंपिंग यार्ड बन जाने की वर्तमान स्थिति की। यह वही स्थान है जहां नगर परिषद द्वारा नर्मिति एवं वर्तमान में वन विभाग द्वारा संचालित झाझा का एकमात्र पार्क है। इसके अलावा प्रसद्धि श्री-श्री 1008 चैती दुर्गा मंदिर एवं श्री शनि महाराज का मंदिर अलग-अलग अवस्थित है। इसके अलावा झाझा का प्रसद्धि श्री...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.