बगहा, फरवरी 16 -- नदियों में गाद भर गया है। गाद भर जाने के कारण नदियों छिदली हो गई हैं। हल्की बारिश में नदियां उफान पर आ जाती है। पानी का फैलाव चारों ओर हो जाता है। जिसके कारण पश्चिम चंपारण जिले की 30 फीसदी आबादी प्रतिवर्ष बाढ़ से प्रभावित होती है। सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद हो जाती है। जान-माल की भारी नुकसान होता है। करोड़ों रुपए के फसल बर्बाद हो जाते हैं। पश्चिम चंपारण जिले में गंडक, सिकराहना, हड़बोड़ा, मसान समेत दो दर्जन से ज्यादा छोटी-बड़ी पहाड़ी नदियां बरसात के दिनों में तांडव मचाती हैं। अधिकांश नदियों पर बांध नहीं है। नेपाल में बारिश होने पर पश्चिम चंपारण में बहने वाली नदियां खतरनाक हो जाती हैं। नेपाल का क्षेत्र पहाड़ी है वहां बारिश होने पर पानी से जिले की नदियों में तेजी से आती हैं। गाद की सफाई नहीं होने से तल ऊपर उठा हुआ है। जगह-जगह ...
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