नदियों-जंगलों को केवल आर्थिक संसाधन नहीं समझे:डॉ. राजेंद्र
लखनऊ, जून 7 -- विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में कृष्णा देवी गर्ल्स डिग्री कॉलेज की ओर से जलवायु परिवर्तन शमन और सतत विकास विषय पर ऑनलाइन राष्ट्रीय कार्यशाला हुई। कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य प्रो. सारिका दुबे ने कहा कि पृथ्वी पर जीवन के अस्तित्व और स्वच्छ पर्यावरण के बीच अटूट संबंध है। मुख्य अतिथि जल संरक्षण विशेषज्ञ एवं रमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित डॉ. राजेंद्र सिंह ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने के लिए स्थानीय समुदायों को आगे आकर प्रकृति संरक्षण की जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने कहा कि नदियों और जंगलों को केवल आर्थिक संसाधन नहीं, बल्कि सामुदायिक धरोहर के रूप में देखा जाना चाहिए। यह भी पढ़ें- सहरसा: मानव जीवन की आधारशिला है पर्यावरण एनबीआरआई के निदेशक डॉ. अजीत कुमार शासनी ने कहा कि विकास की दौड़ में ...
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