किशनगंज, जनवरी 8 -- किशनगंज। एक संवाददाता नदियों के जलस्तर भूजल में हो रही लगातार कमी से कई नुकसान हो रहा है। जलीय जीव जंतु के साथ कृषि कार्य व पशुपालन पर भी असर हो रहा है। पहले किसान नदियों से कृषि कार्य, पशुपालन से जुड़ा कार्य आसानी से कर लेते थे। लेकिन नदियों के भू जल व जलस्तर में कमी की वजह से यह कार्य भी प्रभावित हुआ है। किसान नारायण हेमब्रम, मंटू हेमब्रम, सेराजुल हक, राधा मोहन एवं विनोद कुमार पंडित ने बताया कि पहले नदियों का जलस्तर सही था कृषि से जुड़ा कार्य इससे आसानी से होता था, खतों का पटवन, पशुपालन से जुड़ा कार्य होता था। लेकिन धीरे धीरे नदियों के भूजल कम होने से कृषि से जुड़ा कार्य प्रभावित हो गया। नदियों के जलस्तर में लगातार हो रही कमी अब केवल जल संकट तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि इसका सीधा और गहरा प्रभाव पर्यावरण, जैव विविधता और ...
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