नई दिल्ली, फरवरी 24 -- सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि जब से उसने स्वत: संज्ञान लेकर देशभर की नदियों को प्रदूषण मुक्त करने के कार्यों की सुनवाई/निगरानी शुरू की है, तब से काम में बहुत कम प्रगति हुई है। शीर्ष अदालत ने देशभर की नदियों को प्रदूषण मुक्त करने के मामले की जनवरी 2021 में स्वत: संज्ञान लेकर शुरू की गई कार्यवाही बंद करते हुए टिप्पणी की। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि जब से शीर्ष अदालत ने इस मामले का संज्ञान लिया है, तब से बहुत कम प्रगति हुई है और इसकी जिम्मेदारी मुख्य रूप से नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की होनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट में कार्यवाही बंद करते हुए पीठ ने कहा कि नदियों के प्रदूषण से जुड़ा मामला एनजीटी के समक्ष चलना चाहिए और कई फोरम के सामने एक साथ चलने वाली कार्यवाही से दिश...
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