नदियों और पर्वत को बचाकर विकास की दिशा तय हो
जमशेदपुर, मई 25 -- साकची के मोतीलाल नेहरू पब्लिक स्कूल में राष्ट्रीय नदी-पर्वत संरक्षण सम्मेलन के दूसरे दिन शनिवार को पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और प्राकृतिक संसाधनों के अधिकारों को लेकर महत्वपूर्ण विमर्श हुआ। इसमें घोषणा पत्र जारी किया गया। साथ ही कानून बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। समापन समारोह को संबोधित करते हुए विधायक सरयू राय ने कहा कि विकास का वर्तमान मॉडल दरअसल विनाश का मॉडल बन गया है। उन्होंने कहा कि पहले पहाड़ों और नदियों को बचाना चाहिए, फिर विकास की दिशा तय करनी चाहिए। उनका मानना है कि विकास ऐसा हो, जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी चले और आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्राकृतिक संसाधन सुरक्षित रखे। इसी अवधारणा को उन्होंने सनातन विकास का नाम दिया। राय ने कहा कि देश में पर्यावरण संरक्षण के लिए अनेक कानून हैं, लेकिन प्रभावी क्रियान्वयन नहीं ह...
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