दरभंगा, जनवरी 7 -- दरभंगा। शहर के पश्चिमी छोर से गुजरने वाली कमला की अनगिनत धाराएं विलुप्त हो चुकी हैं। पूर्व दिशा में प्रवाहित बागमती गाद से भरकर खतरनाक बन चुकी है। विशेषज्ञ नदी की तलहटी उछली बनने, आर्सेनिक व जल संकट आदि की आशंका जताते हैं। आम लोग भी बाढ़ के संग आने वाली मछलियों के स्वाद से वंचित होने की शिकायत करते हैं। सामाजिक कार्यकर्ता व नदी-पोखर बचाओ अभियान के संयोजक नारायण जी चौधरी बताते हैं कि शहर को बाढ़ से बचाने के नाम पर दरभंगा बागमती को डायवर्ट कर दिया गया। इस वजह से यह बरसाती नदी बन गई है और नियमित प्रवाह अवरुद्ध होने से गाद बढ़ता जा रहा है। इस वजह से बागमती से जुड़े छठ घाट खतरनाक बन चुके हैं। पर्यावरणविद डॉ. विद्यानाथ झा बताते हैं कि शहर की दोनों दिशाओं से प्रवाहित नदियों के सूखने से समस्याएं बढ़ी हैं। लोक आस्था, विश्वास व पूजा-प...