नई दिल्ली, दिसम्बर 15 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी परीक्षा या भर्ती प्रक्रिया में असफल होने के बाद आवेदन पत्र में विवरण सुधारने की मांग स्वीकार नहीं की जा सकती। उच्च न्यायालय ने कहा कि प्रत्येक अभ्यर्थी की जिम्मेदारी है कि वह ऑनलाइन आवेदन अंतिम रूप से जमा करने से पहले सभी जानकारियों की सावधानीपूर्वक जांच ले। न्यायमूर्ति नवीन चावला और मधु जैन की खंडपीठ ने कहा कि उम्मीदवार यह कहकर अदालत का दरवाजा नहीं खटखटा सकते कि उन्हें अपनी गलती का अहसास तब हुआ, जब वे परीक्षा या चयन प्रक्रिया में असफल हो गए। यह टिप्पणी उस याचिका को खारिज करते हुए की गई, जो दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल (एग्जीक्यूटिव) पुरुष-महिला पदों की भर्ती से जुड़ी है। याचिकाकर्ता का कहना था कि उसने साइबर कैफे से आवेदन भरा था और नेटवर्क की समस्या के कार...