मधुबनी, नवम्बर 16 -- घोघरडीहा। आजादी के 79 वर्ष बीत जाने के बाद भी नट समुदाय के बच्चे शिक्षा के अधिकार से कोसों दूर है। घोघरडीहा नगरपंचायत के वार्ड न 10 भुतही बलान तटबंध पर लगभग 10 परिवार निवास करते हैं, जिनकी रोजमर्रा की जिंदगी आज भी बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझती है। नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा अधिकार अधिनियम के बावजूद यहां के बच्चे स्कूलों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। वजह गरीबी, भूमि का अभाव, आधार, राशन कार्ड जैसी आवश्यक पहचान की कमी, स्वास्थ्य सुविधाओं से दूरी और समाज में फैली जातीय भेदभाव की दीवारें। स्थानीय लोगों के मुताबिक, नजदीक कोई सरकारी समर्पित विद्यालय नहीं है, जबकि निजी स्कूलों में प्रतिस्पर्धा अधिक और प्रोत्साहन बेहद कम होने के कारण उनके बच्चे प्रवेश नहीं ले पाते। नतीजा स्कूल जाने की उम्र में बच्चे या तो खेलकूद में समय बिता...