बिजनौर, मार्च 11 -- नजीबाबाद। विश्व प्रसिद्ध दरगाह नजफ-ए-हिन्द जोगीपुरा में मौला-ए-कायनात, दामाद-ए-पैगम्बर और शिया मुसलमानों के पहले इमाम हजरत अली की शहादत के अवसर पर ताबूत बरामद किया गया। इस दौरान हिंदुस्तान के विभिन्न हिस्सों से आए हजारों जायरीन ने गमगीन माहौल में मौला अली की बारगाह में पुरसा दिया। मजलिस को संबोधित करते हुए उलेमा ने बताया कि मस्जिद-ए-कूफा में सुबह की नमाज के दौरान इब्ने मुलजिम नामक व्यक्ति ने जहर से बुझी तलवार से वार कर हजरत अली को सजदे की हालत में गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इसके बाद 20 रमजान को उनकी शहादत हो गई थी।इस मौके पर मौला अली के रोजे में शाम को मरहूम युसुफ रजा नकवी की बरसी के सिलसिले में मजलिस आयोजित की गई, जिसमें पूर्व उपसचिव मौलाना फिरोज हैदर नकवी ने खिताब किया। वहीं रात में मस्जिद में मजलिस-ए-अजा आयोजित ह...