नई दिल्ली, दिसम्बर 11 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली सरकार में करीब 10 साल बाद सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण बोर्ड की बैठक आयोजित हुई। इस दौरान राजधानी की गतिशीलता, जल निकासी क्षमता और शहरी सुरक्षा को बदलने वाले कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। इसमें नजफगढ़ नाले पर 57 किलोमीटर का नया मोबिलिटी कॉरिडोर बनाने का निर्णय हुआ। नाले के दोनों तटों पर कठोर दो-लेन सेवा मार्गों का निर्माण होगा। छावला ब्रिज, बसई दारापुर और झटिकरा के बीच यह मार्ग यूईआर-2, आउटर रिंग रोड और इनर रिंग रोड के समानांतर चलता है, लेकिन वर्षों से इसका उपयोग सीमित था। इस कॉरिडोर के विकसित होने पर प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक का भार कम होगा, औद्योगिक जुड़ाव बढ़ेगा और पश्चिम व दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री प्रवेश वर्मा ...
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