देवघर, अप्रैल 18 -- अंग्रेजों के जमाने से चल रहे रामचंद्र बाजार हटिया का मछली और चावल बाजार जानलेवा बन गया है। 114 वर्षों पूर्व बना यह भवन किसी भी दिन ध्वस्त हो सकता है। नगर परिषद द्वारा जर्जर बाजार को तोड़कर नए सिरे से मार्केट कॉम्पलेक्स का निर्माण तो कर दिया गया, लेकिन मछली बाजार व चावल बाजार का निर्माण अधर में लटका है। चावल बाजार और मछली बाजार में दर्जनों दुकानदार अपनी दुकान वर्षों से लगाते हैं। खतरनाक पुराने भवन की स्थिति काफी जर्जर है। कुछ साल पूर्व मछली बाजार का एक भाग ध्वस्त हो चुका है। बावजूद दर्जनों मछली- मांस विक्रेता समेत चावल विक्रेता जर्जर छत के नीचे जान जोखिम में डालकर दुकानदारी कर रहे हैं। नगर परिषद की लापरवाही से यहां कभी भी अप्रिय घटना हो सकती है।
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