लखनऊ, जनवरी 28 -- राजधानी की सड़कों पर रोज़मर्रा की जिंदगी जाम और अतिक्रमण की भेंट चढ़ चुकी है, लेकिन नगर निगम और जिम्मेदार अफसरों के लिए यह मानो रूटीन फाइल बनकर रह गया है। मंगलवार को नगर निगम सदन में जब इस मुद्दे पर चर्चा शुरू हुई तो पार्षदों का गुस्सा फूट पड़ा। करीब एक घंटे तक सदन में तीखी बहस, शोर-शराबा और आक्रोश देखने को मिला। पार्षदों ने साफ कहा कि शहर का यातायात भीतर से सड़ चुका है और अतिक्रमण ने सड़कों की सांसें रोक दी हैं। सबसे ज्यादा नाराज़गी इस बात को लेकर दिखी कि हजरतगंज जैसे इलाके, जिसे लखनऊ का हृदय स्थल कहा जाता है, वहां भीषण जाम और अतिक्रमण जस का तस बना हुआ है। पार्षदों ने अधिकारियों को सीधे कटघरे में खड़ा किया और कहा कि कागजी कार्रवाई और बैठकों से शहर नहीं चलता। मनकामेश्वर वार्ड के पार्षद रंजीत सिंह ने तो हद पार करते हुए जो...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.