मेरठ, मई 24 -- मध्य-पूर्व में जारी तनाव और वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति में आ रही बाधाओं के चलते सरकार ने ईंधन संरक्षण के प्रति गंभीरता दिखाई है। इसी क्रम में शासन ने नगर निगम, जल निगम और अन्य संबंधित विभागों को निर्देश जारी किए हैं कि ईंधन और ऊर्जा की बचत सुनिश्चित करने के लिए तत्काल प्रभाव से कड़े कदम उठाए जाएं। शासन ने इसे राष्ट्रीय प्राथमिकता मानते हुए सरकारी स्तर पर बड़े बदलाव के निर्देश दिए हैं। इसके तहत नगर निगम को 10 साल पुराने जेनरेटर, वाहन और लाइट का अब ऊर्जा ऑडिट कराना होगा। शासन के विशेष सचिव प्रवीण कुमार लक्षकार की ओर से नगर आयुक्त, जल निगम के अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं। ​शासन का स्पष्ट मानना है कि इस संकटपूर्ण स्थिति में सरकारी तंत्र को उदाहरण पेश करना होगा ताकि आम जनता भी ऊर्जा संरक्षण के ल...