नई दिल्ली, सितम्बर 22 -- -पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू कार्य के तहत छूटी संपत्तियों की होगी पहचान-क्षेत्र की सभी संपत्तियों का जियो टैगिंग के साथ 3डी मॉडल होगा तैयार -गलत मैप की गई संपत्तियों का रिकॉर्ड किया जाएगा दुरुस्त

सर्वेक्षण की शुरुआत नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली नगर निगम ने संपत्ति कर निर्धारण प्रणाली आधुनिक बनाने के लिए ड्रोन आधारित जीआईएस और डिजिटल ट्विन सर्वेक्षण शुरू किया है। पायलट प्रोजेक्ट के पहले चरण में रोहिणी जोन (उत्तर-पश्चिम दिल्ली) के रोहिणी-एफ वार्ड और शाहदरा दक्षिणी जोन (पूर्वी दिल्ली) के घड़ौली वार्ड में में यह सर्वेक्षण हो रहा है। इससे संपत्ति कर से छूट रही संपत्तियों को चिह्नित किया जाएगा। साथ ही गलत तरीके से मैप की गई या डुप्लीकेट संपत्ति रिकॉर्ड को दुरुस्त किया जाएगा। निगम सूत्रों की मानें तो निगम ने ...