लखनऊ, मार्च 22 -- नगर निगम की कोर्ट में कमजोर कानूनी पैरवी का खामियाजा आखिरकार 5.48 करोड़ रुपये के भुगतान के रूप में सामने आया। अदालत में प्रभावी ढंग से पक्ष न रखने के कारण नगर निगम को लायंस ठेकेदार कंपनी को यह बड़ी रकम चुकानी पड़ी। रविवार को सदन की बैठक में यह मामला जोर-शोर से उठा, जहां पार्षदों ने इसे सीधी लापरवाही और अंदरूनी मिलीभगत का मामला बताया। --कोर्ट में कमजोर पक्ष, निगम को भारी नुकसानमामला उस समय सामने आया जब सदन में जानकारी दी गई कि ठेकेदार कंपनी लायंस सर्विसेज को 5.48 करोड़ देने के लिए नगर निगम का खाता फ्रीज हुआ है। अदालत की आदेश पर यह रकम नगर निगम के खाते से निकल गई। कामर्शियल कोर्ट में नगर निगम ने प्रभावी पैरवी नहीं की। अपना पैसा बचाने के लिए ऊपरी अदालत में भी ठोस पैरवी भी नहीं की गई। इसमें बड़ा खेल किया गया है।अनुबंध की शर्...