जमशेदपुर, फरवरी 27 -- आदिवासी छात्र एकता की केंद्रीय समिति ने निकाय चुनाव को असंवैधानिक करार देते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने मांग की है कि चुनावों को रद्द किया जाए। पदाधिकारियों का तर्क है कि भारतीय संविधान के तहत देश के पांचवीं अनुसूचित क्षेत्रों में नगर निकाय कानून लागू नहीं होते। उनका कहना है कि इन क्षेत्रों में नगर निकाय चुनाव कराना संवैधानिक मर्यादाओं का उल्लंघन है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि अनुसूचित क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासियों की ग्राम सभा, सामाजिक स्वशासन व्यवस्था और उनकी सांस्कृतिक विरासत पर खतरा मंडरा रहा है। छात्र संगठन ने कहा कि वे इस मुद्दे पर लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं और इससे पहले उपायुक्त, कोल्हान आयुक्त और भारत निर्वाचन आयोग को कई बार आवेदन दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक को...
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