गाज़ियाबाद, अप्रैल 16 -- - नगर आयुक्त ने कहा, केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं का लाभ लेने के लिए हर साल 25 प्रतिशत गृह कर बढ़ाना जरूरी गाजियाबाद, प्रदीप वर्मा। गृह कर को लेकर फैल रहे भ्रम को गुरुवार को नगरायुक्त ने विराम लगाने का प्रयास किया। उन्होंने आंकड़े पेश करते हुए दावा किया कि आवासीय और व्यवसायिक क्षेत्र में किसी भी भवन स्वामी का गृह कर 21 प्रतिशत से ज्यादा नहीं बढ़ा। बल्कि भवन स्वामियों को 92 प्रतिशत की स्थाई और अस्थाई छूट मिल रही है।नगरायुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने गुरुवार को पत्रकारों के सामने नए और पुराने गृहकर के आंकड़े रखें। उन्होंने बताया कि पहले कर निर्धारण कारपेट एरिया के हिसाब से था। यह भी पढ़ें- नया कर निर्धारण लागू, 15 दिन के भीतर मांगी आपत्ति लेकिन अब कवर्ड एरिया के हिसाब से लग रहा है। इस लिहाज से भी अब कम वर्गफुट...