गाज़ियाबाद, अप्रैल 29 -- गाजियाबाद, प्रदीप वर्मा। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर कुत्ते और बंदरों को काटने के इंजेक्शन को लेकर लापरवाही की जा रही है। हालत यह है कि जानकारी के अभाव में लोग जिला अस्पतालों की दौड़ लगा रहे हैं, जबकि सात केंद्रों पर मरीजों को एआरवी नहीं लगी। इन केंद्रों को स्वास्त्य विभाग ने नोटिस जारी किए हैं। शासन के निर्देश पर अब शहरी और ग्रामीण सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर कुत्ते-बंदर आदि जानवरों के काटने के इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं। पहले यह सुविधा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पतालों में ही थी। सभी स्वास्थ्य केंद्रों में एआरवी शुरू करने का उद्देश्य मरीजों को घर के पास ही इलाज उपलब्ध कराना और जिला अस्पतालों से मरीजों का दबाव कम करना हैं, लेकिन शहरी पीएचसी के प्रभारी अपने क्षेत्रों में प्रचार-प्रसार में ल...
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