नई दिल्ली, मई 1 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। नक्सल मुक्त इलाकों में विकास को गति देने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें सहकारिता आधारित मॉडल के जरिए रोजगार और आर्थिक गतिविधियां बढ़ाने की तैयारी में हैं। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के निर्देशानुसार सहकारिता से जुड़ी सभी योजनाओं को नक्सल मुक्त इलाकों में लागू करने का फैसला किया गया है। प्रस्ताव के तहत बस्तर एवं अन्य नक्सल मुक्त गांवों में सहकारी समितियों के माध्यम से डेयरी उद्योग को बढ़ावा दिया जाएगा, जिसके लिए राष्ट्रीय गोकुल मिशन और डेयरी उद्यमिता विकास योजना का सहारा लिया जाएगा। इससे ग्रामीणों की आय बढ़ाने के साथ दुग्ध उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) के माध्यम से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी。

ग्रामीण वित्तीय समावेशन को मजबूत करना ग्रामी...