मुंगेर, जून 27 -- धरहरा,एक संवाददाता। एक समय धरहरा प्रखंड का बंगलवा गांव नक्सली गतिविधियों के कारण सुर्खियों में रहता था। आज उसी गांव का एक युवा अपनी मेहनत, नवाचार और आत्मविश्वास के दम पर नई पहचान बना रहा है। 27 वर्षीय राजेश कुमार ने मशरूम उत्पादन को रोजगार का माध्यम बनाकर न केवल अपने परिवार की जिम्मेदारियां संभालीं, बल्कि सैकड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन गए हैं। पोस्ट ग्रेजुएट राजेश कुमार के पिता स्व. बंगाली साव मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। वर्ष 2021 में पिता के अचानक निधन के बाद दो भाइयों और दो बहनों की जिम्मेदारी राजेश के कंधों पर आ गई। ऐसे कठिन समय में उन्होंने हार मानने के बजाय आत्मनिर्भर बनने का रास्ता चुना। राजेश ने वर्ष 2019 में यूट्यूब के माध्यम से मशरूम उत्पादन की जानकारी जुटाई और मात्र छह हजार रुपये की पूंजी...