नक्सलियों के गढ़ माने जानेवाले पारसनाथ की बदल रही है तस्वीर
गिरडीह, जुलाई 29 -- पीरटांड़। नक्सलियों का अभेद गढ़ के रूप में पहचान रखने वाला पारसनाथ क्षेत्र की अब तेजी से तस्वीर बदल रही है। वर्षों तक नक्सली गतिविधियों का केंद्र रहा पारसनाथ की पहाड़ियों और जंगलों में अब सुरक्षा बलों की मजबूत उपस्थिति तथा सरकार के लगातार चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियानों का असर स्पष्ट दिखाई देने लगा है। यह भी पढ़ें- झारखंड में बड़ी कामयाबी; 1 करोड़ का इनामी टॉप नक्सली मिसिर बेसरा गिरफ्तारनक्सलियों के आत्मसमर्पण इनामी नक्सलियों की गिरफ्तारी, आत्मसमर्पण और संगठन के कमजोर पड़ते नेटवर्क के कारण क्षेत्र में नक्सलवाद समाप्ति के कगार पर पहुंच गया है। सोमवार को 15 लाख रुपए के इनामी नक्सली खुखरा थाना क्षेत्र अन्तर्गत गंभरा निवासी संतोष महतो उर्फ बासुदेव के आत्मसमर्पण से लगभग नक्सलवाद का खात्मा हो गया है। संतोष महतो का आत्मसमर्प...
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