नई दिल्ली, सितम्बर 22 -- आईआईटी बॉम्बे के विद्यार्थियों के प्रतिनिधियों ने साफ किया है कि बीटेक सेकंड ईयर के स्टूडेंट साहिल की सुसाइड के बाद उनके प्रोटेस्ट का मकसद परीक्षा में नकल या अकादमिक कदाचार को सही ठहराना नहीं था। छात्रों ने ताजा बयान में संस्थान में सुधारों और साहित की मौत के हालात की निष्पक्ष जांच की अपनी मांग दोहराई है। 21 सितंबर को जारी एक आधिकारिक बयान में विद्यार्थियों के प्रतिनिधियों ने कहा कि वे चीटिंग या किसी भी तरह के एकेडमिक मिसकंडक्ट को सपोर्ट नहीं करते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि साहिल की मौत ने स्टूडेंट्स को इंस्टिट्यूट के अंदर के सिस्टम को देखने पर मजबूर कर दिया है। यह बयान IIT बॉम्बे कैंपस में तीन दिन के चल विरोध प्रदर्शन और इंस्टीट्यूट की ओर से प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला को एडमिनिस्ट्रेटिव अफेयर्स के डीन के पद से हट...